कुछ बच्चे खामोश क्यों

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Abhilasha Kumari
मै अभिलाषा कुमारी, जिला.. गोड्डा महाशय, कुछ बच्चे खामोश क्यों..प्रस्तुति बहुत अच्छी लगी । लेकिन हम शिक्षकों को चाहिए कि हमारे वर्ग में भी ऐसे बच्चे हैं,इनकी झिझक को तोड़ना हमारी जिम्मेवारी बनती है। ख़ामोश बच्चों को वर्ग में ज्यादा से ज्यादा मौका देंगे गतिविधि करने का,उनकी रुचि संगीत में जगाने का प्रयास करेंगे,उन्हें महीने में एक बार प्रार्थना सभा में सम्मानित करेंगे जिससे कि उसका मनोबल बढ़ेगा और उनकी खामोशी को दूर करने में हमलोग सफल होंगे। धन्यवाद्
Anjay kumar Agrawal

one student in my class Akash is just like CHAYANATMAK KHA.MOSHI wala h.
now I will treat him in A better way

Abhilasha Kumari

ख़ामोश बच्चों के झिझक को दूर करना होगा,
वर्ग में उनको अन्य बच्चों के मुकाबले अधिक बोलने का मौका दिया जाय,इससे ज्यादा हद तक उनमें सुधार होगा ।

piush pani

अच्छी जानकारी

R Uma shri

very nice

Vijay Laxmi Rao

शिक्षको का व्यवहार बच्चो के साथ मित्रतापूर्ण होना चाहिए।

RAJESH KUMAR SURYAVANSHI
सादर नमस्कार, कुछ बच्चे खामोश क्यों पर यह बातचीत सुनकर अच्छी जानकारी मिली है। चयनात्मक खामोशी व चिंताविकार जैसे नये शब्द मिले है। आमतौर पर सभी विद्यालयों में ऐसे बच्चे जरूर मिलते है जो हमेशा खामोश रहते है और हम शिक्षक इन्हें ऐसे ही रहने देते है। इसके पीछे इनके घर का सामाजिक माहौल, किसी हीन भावना से ग्रस्त होने तथा भेदभाव जैसे कारण भी हो सकते है। आमतौर पर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे गरीब तबके से होते है जो किसी मनोवैज्ञानिक या चिकित्सक तक जा नहीं पाते। विद्यालय में शिक्षकों को इन पर बहुत अलग अलग तरीकों… Read more »
Gulab chandra sahu

very nice

Tara kumari

अनुकरणीय मार्गदर्शन|👍
ऐसे बच्चों के समुचित विकास के लिए शिक्षकों को सदैव प्रयत्नशील रहने की आवश्यकता|

Rajiv ranjan

हीन भावना

PRABHA KUMARI

very nice

Anjana kumari

अगर बच्चों के साथ शिक्षक का व्यवहार मात्रता पूर्ण हो तो बच्चों को घुलने मिलने में वक्त नहीं लगता ।

Santosh Kumar

good

Santosh Kumar

good great

RAMESH KUMAR RATHORE

very nice

Umesh kumar

ऐसे बच्चों पर विशेष ध्यान रखना होगा।

MD KHALID AZIM

very nice

SUKHDEV MANDAL

एसे बच्चे को बच्चो के साथ खुले ने व बोलने के मौका देना चाहिए था

Dipak kumar kahra

good

राकेश कुमार साहू

अच्छी जानकारी

श्री मोजय शंकर पटेल

good

mahettar lal Dewangan

bahut sundar

NEELAM KOUSHAL
इसके कई कारण हो सकते हैं जैसे-परिवार का गंदा माहौल,जवाब गलत होने का भय,गलत शिक्षकीय व्यवहार और पुस्तकीय या साहित्यिक भाषा का अधिकाधिक प्रयोग आदि।पर इसके विपरीत अधिकतर प्रकरण में शाला में खामोश रहने वाले अधिकांश बच्चे अपने घरों में बड़ी सहजता से अपनी बात रख पाते हैं। मेरा मत है कि जब तक बच्चों की मातृभाषा,विचारों,अनुभवों को एवम् उनसे जुड़े हुए संदर्भों को शाला में उचित स्थान या सम्मान नहीं मिलेगा तब तक सुधार की गुंजाईश न के बराबर ही रहेगा। शिक्षक को बाल मनोविज्ञान में ‘दक्षता’ हासिल करनी चाहिए।’तारें जमीं पर’फिल्म इस समस्या के हल का एक बेहतर… Read more »
madan mohan singh

nice and useful

NAND KISHOR KUMAR

कम बोलने वाले बच्चों के अभिभावक से मिलकर बच्चों के बारे में जानकारी हासिल पर उसके कारण का पता करेंगे उसके बाद चरणबद्ध तरीके से उसको बोलने के लिए प्रेरित कर

Vijay Laxmi Rao

सर्वप्रथम बच्चे की खामोशी को जानने का प्रयास करे, शिक्षक बच्चे के साथ मित्रतापूर्ण व्यवहार करें, ताकि बच्चे में अपनापन महसूस हो,शिक्षक व्यक्तिगत चर्चा करते हुए मदद करे।

A.DAMAYANTI

क्यों की बच्चे को समझ में नहीं आ रहा है इसके लिए क्याक करना चाहिए ताकि बच्चे की च

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