मौखिक व सांकेतिक बोल-चाल

‘मौखिक व सांकेतिक बोल-चाल’ के विषय पर पूछिए अपने सवाल या लिखिए अपनी राय, नीचे Comments में|

 

Leave a Reply

Notify of
Shweta Dubey

मै अपनी कक्षा मे माइक के द्वारा ग्रामर गेम डिबेट contestआ और रोल प्ले जैसे activityकराती हू वाकई मे स्टेज fear खत्म हो जाता है और वे खेल खेल मे english जैसेसब्जेक्ट को पूरे उत्साह के साथ पढते है प्लीज आप सब भी अपनी पढ़ाने की तकनीक को शेयर करे ताकी हम सब अलग अलग विधियों द्वारा बच्चो को और विधियो द्वारा पढा सके।

Kamaljeet Kumar Badoga

very good ideas

Kiran

बहुत बढ़िया तरीक़ा है।

Khem Raj

चम्बा की कितनी तहसीलें हैं

Chandeep

Presented in a very interesting manner

PREM LAL DESHMUKH

मौखिक और सांकेतिक भाषा से बच्चों में झिझक दूर होती है और बच्चे खुल कर सामने आते हैं।

manorma

बच्चों के साथ उनके भाषाओं के साथ- साथ बच्चों की तरह बच्चे बनके उनको पढ़ाने में मजा आता है।

sunder verma

Very nice

Kishor Kumar Sinha

मौखिक व सांकेतिक भाषा हमें बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने में काफी हद तक मदद करते हैं।

Kamal Ratnakar

मौखिक भाषा अलग होती हैं। जिसमें हम कुछ शब्दों को सिर्फ मौखिक भाषा रूप में उपयोग तो करते हैं लेकिन उस उस शब्दों को लिखित भाषा के रूप में उपयोग नहीं कर सकते हैं।
अर्थात हमारे घर की भाषा अलग होती हैऔर स्कूल की भाषा अलग होती हैl जिसे हम बतौर एक शिक्षक समझने की जरूरत है।
कमल रत्नाकर

Neelam kumari

बच्चे अधयापक की मौखिक भाषा के साथ सांकेतिक भाषा और शारीरिक हाव भाव से आसानी से समझकर जल्द उत्तर देते हैं।

Bahadur Singh

बच्चे अध्यापक के आचरण और व्यवहार से भी बहुत अधिक सीखते हैं।

Ramraj dhruw.

मौखिक और सांकेतिक भाषा बच्चे जल्दी सीखते हैं

Akhilesh kumar Arkara

वास्तव में में मौखिक और सांकेतिक भाषा शिक्षा के लिए एक महत्व पूर्ण माध्यम है। ये बिल्कुल सही है कि बच्चे मौखिक बातों और हावभाव से हमारे व्यवहार को पहचान जाते हैं। अगर हम चेहरे पर मुस्कान रखें तो कक्षा में पढ़ाई का स्तर अलग ही होता है। हम बच्चों के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं। प्यार से बात करने पर बच्चे अपनी हर परेशानी हमसे साझा करते हैं। यहां तक हमे अपने परिवार का हिस्सा भी मानते हैं। मेरे साथ ऐसी कई घटनाएं हुई हैं जिससे बच्चो के साथ मेरा सम्बन्ध और प्रगाढ़ हुआ है।

Nilesh Kumar Yadav

You are right

Jagdev Banjare

बच्चों के साथ उनके भाषाओं के साथ- साथ बच्चों की तरह बच्चे बनके उनको पढ़ाने में मजा आता है।

tek lal soni

Bahut bidiya sir ji

Nandini sahu

क्या सांकेतिक भाषाहरविषय मे संभव है

Kamal Ratnakar

बिलकुल

ramadhar ratde

Haan bilkul sahi

Radha Swami Patel

Please try to provide basic images and videos in regiona language sobstudens may learn easily

Mrs. sarojani jai yadav

Yes

Khirendra Kumar Patel

Ha

swapan bose

Ha

prem chand bhoi

मौखिक और सांकेतिक भाषा बच्चे जल्दी सीखते हैं

Raghunath prasad dhruw

सकारात्मक सोच होनी चाहिए

manbodh singh mandavi

Hame skaratmk sochana hai

Shravan kumar amila

Ha

Raghunath prasad dhruw

Moukhik or sanketik bhasha sahi awm satik honi chahiye taki bachche confused na ho. …….

Shravan kumar amila

Ha

Duleshwari Rawte

Sanketik bol chal ko bacche acche se jan pate h.

satish kumar sarthi

हमारा स्कूल गाँव में है,जहाँ मेरे को लगता है कि,मौखिक भाषा एवं सांकेतिक भाषा के साथ मुझे स्थानीय भाषा का समझ भी बच्चों के साथ जुड़ने का अवसर मिलता है.बच्चे अपनी भाषा लेकर आते हैं स्कूल में दाखिला लेने . उन्हें एकाएक हमारी भाषा का सामना करना भी अजीब लगता होगा.इस पर अपनी विचार देवें.

NEELIMA SAHU

बिलकुल सही स्थानीय भाषा के बीच बीच मे प्रयोग करने से बच्चों में झिझक दूर किया जा सकता है।

Shravan kumar amila

Bilkul sahi hai bich bich me sthaniy bhasha ka praying Karen se jhijhak dur kits ja Santa hai

Anesh kumar shori

Apne local language ka bi use Hona Chahiye

Baadshah

मैं किसी भी भाषा में हँस या रो सकता हूँ, किसी भी गाँव या शहर मे

Nilesh Kumar Yadav

बच्चों से जुड़ने का अवसर मिलता है..

Rajendra Kumar Patel

Bahut achchha topic hai jis par aur vistar se charcha karna jaruri hai

Shravan kumar amila

Ha

sanat ram shori

Ha

raghuvansh mishra

Aise shikshak,Jo hai parivartan lane wala.
Unke liye khula hai chatshala.
Good Lesson

dileshwar dhankar

Yas

nandkumar painkra

Yes

Raghawendra Singh

हाँ होनी चाहिए

Gr deshlahare

अच्छा है

Raghawendra Singh

बेहतर होना चाहिए

Raghawendra Singh

हाँ

manoj kumar panda

Yes

दीपक कुमार भगत

बहुत ही ज्ञानवर्धक और अच्छी जानकारी इस चैट शाला के माध्यम से मिली है इसके माध्यम से बच्चों को समझने और उनके और करीब जाने में हमें मदद मिलेगी तथा हम बच्चों को और बेहतर ढंग से अध्यापन करा पाएंगे

Tejram sidar

प्रश्न सहज भाव से पुछना अच्छा है

raghuvansh mishra

Aise bahut se teacher hai Jo apni vichardhara ke abuse adhyapan karate hai.Apka yah chatshala bahut useful hai. Kas use sabhi sunkar amal me late

jitendra kumar khute

Bachcho ko apni bhasha ki jankari rahti hai aur school ke parivesh ke anusar samajhne ki dakshta purn karni chahiye

wpDiscuz
52 Comments
42