साथियों की नटखट टोली

रायपुर, छत्तीसगढ़|

बच्चों के लिए पढ़ाई से कई ज़्यादा मज़ेदार खेल कूद होता है। लीना वर्मा और विद्यालय में उनके साथियों ने पढ़ाई को खेल कूद का रूप देने का संकल्प किया। तभी उन्हें ग्रीष्मावकाश शिविर का विचार आया। सरकारी विद्यालयों में इस प्रकार का शिविर कभी नहीं हुआ था। उन्होंने निर्णय किया कि वे खुद सरकारी विद्यालयों में जाकर उन्हें इस अनोखे शिविर के बारे में बताएँगी। कई विद्यालयों को संपर्क करने के बाद उनका ये संकल्प पूरा होता दिखा, और उन्होंने 2016 में अपने शिविर का आयोजन किया।

उनके ग्रीष्मावकाश शिविर में कई तरह की गतिविधियाँ थीं। किस्से-कहानियाँ, कला-शिल्प, गीत-संगीत इस शिविर का हिस्सा थे। इनके अलावा विज्ञान और गणित पढ़ाने के कई रचनात्मक तरीकों से भी बच्चों का परिचय करवाया। 48 किलोमीटर दूर जाकर भी लीना और उनके साथियों ने इस शिविर को सफलतापूर्वक पूरा किया। बच्चों को यह शिविर इतना पसंद आया कि इन विद्यालयों की दर्ज संख्या शिविर के बाद से बढ़ गयी। जहाँ शिविर के पहले साल में कुछ 15 बच्चे ही आते थे, वहीं अगले साल बच्चों की संख्या 40 तक पहुँच गयी। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने की ये पहल वाकई रंग लायी।

यह कहानी श्रीमती लीना वर्मा के जीवन पर आधारित है जो, रायपुर, छत्तीसगढ़ से हैं|
कहानी लावन्या कपूर के द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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vandana parganiha

शिक्षकों के लिए प्रेरक कार्य है

YASHWANT KUMAR CHOUDHARY

good job

BS Verma

बच्चो को खेल खेल के माध्यम से पढाई मे रूचि पैदा करना और बच्चो को स्कूल जाने के लिए उत्सुक बनाने के लिए बहुत बहुत बधाई ।

G.R VERMA

आपकी नटखत टोली बूत अच्छी हे

Nutan verma

सबसे पहले आपको इस प्रकार के शिक्षा से जुड़ी सरल, सुबोध कार्य के लिए आपको बधाई । इससे बच्चों को पढ़ने में रुचि बढ़ेगी और बच्चे पढ़ाई को सृजनात्मक के साथ पढ़ेंगे । और खेल खेल में पढ़ाई-लिखाई बहुत मजबूती के साथ होगा ।

sheela sahu

Bahut achha varma mam aapki soch ko salam

Rajesh Kumar Chandravanshi

बच्चो के साथ जुड़ कर काम करने का आपका यह तरीका अद्भुत है।आप बेहतरीन टीचर हैं।सभी शिक्षकों के लिए ऐसी नायाब मिसालें आप देती रहती हैं। आप जैसी शिक्षक साथी हमारे साथ है तो हमारे लिए शिक्षा के सारे मानक प्राप्त करने मे हम अवश्य सफल होंगे।
बधाई मैडम जी।

maheshwar dwivedi

बधाई के साथ आपकी सोच व बच्चों के लिए इस प्रकार का कार्य हेतु सलाम है आपको।
शासकीय स्कूलो मे इस प्रकार का कार्य होने से बच्चो मे सृजनात्मक एवं आनंद से अध्ध्यन शील होंगे।आपके इस प्रकार की मार्मिक सेवा से अपने राज्य के बच्चो को अवश्य लाभ होगा।
नमस्कार

Leena Verma

नमस्कार सर जी

आप का प्रोत्साहन मुझे कर्तव्य पथ पर अग्रसर होने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।
धन्यवाद 🌼🙏🙏🙏🌼

rubina begam

congratulations

Leena Verma

Thank you so much mam

parmanand banchhor

bahut achchha medamji

Leena Verma

धन्यवाद सर जी 🌼🙏🙏🙏🌼

निहारिका पाण्डेय

बधाई दी आपको

आपके काम के प्रति समर्पण और जज्बे को प्रणाम

मुझ जैसे कइयों की आप प्रेरणा हो दी

Leena Verma

धन्यवाद निहारिका मैम

आप स्वयं स्नेहशील व्यक्तित्व की धनी है, आपके प्यार और सम्मान के लिए आभार

pragya Singh

बहुत बढ़िया मैडमजी

Leena Verma

धन्यवाद मैम जी 🌼🙏🙏🙏🌼

sanjay verma

शिक्षा का स्तर को बढ़ाने के लिए और बच्चों की विकास के लिए यह एक उत्तम तरिका है

Leena Verma

धन्यवाद
आप सभी का प्रोत्साहन हमें कार्य करते रहने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है।

Gajanan Ingle

Nice Job
AAP LOGO KE KARAN HI DESH PADH RAHA HAIN AUR BADH RAHA HAIN…

Leena Verma

धन्यवाद
हर एक बच्चा अपना Best दे, इतना सशक्त बनाने के एक कदम बढ़ाना जरूरी है।

Mamta Sahu

Bahut khub madam ji.
Hamesha age barhte rahe

Leena Verma

धन्यवाद मैम जी, आप सभी का साथ और विश्वास ही मुझे प्रेरित करता है।

dogendra

आपने बहुत ही सुन्दर तरीके से पढाई को खेल – खेल में आसान तरीके से बच्चों को समझाया । इससे बच्चों में पढने की दिलचस्पी बढ़ी, विद्यालयों में बच्चों की दर्ज संख्या में बढ़ोतरी भी हुई । आप इसी तरह कार्य करते रहे और हमेशा आगे बढ़ते रहे ।

Leena Verma

धन्यवाद, वर्मा जी
शिक्षक का जीवन ही बच्चों को समर्पित होता है, बच्चों के साथ जुड़कर सीखने की प्रक्रिया को सुदृढ़ करना, उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते रहना…. इतना अच्छा काम…. I love my profession.

dogendra

keep it up. Best of luck.

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