प्रिंट रिच क्लासरूम का उपाय

“मैं किताबों से नहीं पढ़ाता हूँ।”

एक शिक्षक द्वारा ऐसे वाक्य सुनना काफी अजीब लग सकता है। परन्तु जब नवल किशोर यादव जी ने मुझे ये बताया, तो मैं उनसे इसकी वजह जानने के लिए इच्छुक थी। नवल किशोर जी अपने स्कूल के बच्चों के लिए नए-नए चार्ट बना कर ले जाते हैं। उनका मानना है की चार्ट से बच्चे चीज़ों को बेहतर तरीके से समझते हैं।

“पहाड़े सिखाने पर मैंने देखा कि बच्चे उनको बार-बार भूल रहे थे। तो मैंने पहाड़ा सिखाने के तुरंत बाद पहाड़े का चार्ट बना कर कक्षा में लगा दिया। पोस्टर की तरह। बच्चे उसे बार बार देखते हैं तो उनको पहाड़े याद रह जाते हैं। इसी प्रकार मैं अंग्रेज़ी में संज्ञा, गणित में भाग व गुणा, आदि के चार्ट बनाता हूँ।”

एक प्रिंट रिच एनवायरनमेंट बच्चों के लिए कितना महत्वपूर्ण है, यह नवल किशोर यादव अच्छे से समझते हैं। उनका बच्चों को पढ़ाने का तरीका बेहद कुशल है।

यह कहानी नवल किशोरे यादव के जीवन पर आधारित है जो, बीजापुर, छत्तीसगढ़ से हैं|
कहानी लावन्या कपूर  द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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lalima Chandrakar pp

प्रिंट समृद्ध वातावरण सीखने सीखाने की प्रकिया में एक अनुठा व आवश्यक पहल है, ये प्रयास बहुत ही अनूठा व प्रभावशाली है।बस इसकी उपयोगिता निरंतर व अलग अलग संदर्भ में बदलती रहे तो और बेहतरीन परिणाम आते हैं।ऐसा मेरा मानना है।

Mrs ash's sharma

very nice effort

Smt. Ishwari Bhoi

बहुत अच्छा प्रयास। बधाई।

smt Reeta thakur

very good

Renu Bala

very good effort

Renu Bala

very good effort

Ojaswi Trivedi

प्रिंट रिच वातावरण class के लिये बहुत ही उपयोगी हैं;किसी भी चीज को देखने से बहुत लम्बे समय तक वह दिमाग में छप जाती है ।
Drawing शीट पर चार्ट बना कर हम टीचिंग को प्रभावशाली बना सकते है।

Laxmi Khudshyam

this is too good

raghuvansh mishra

Very Good Effort.

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