परवीन बानो और पाँच साल के परिश्रम का परिणाम

सुबह उठ कर मैं यही सोचती हूँ कि मेरी स्कूटी न होती तो मैं रोज़ स्कूल कैसे आती? बस से आने में तो हमेशा देर हो जाती है। और आज देरी की कोई गुंजाईश है ही नहीं है| नेहा की एक्स्ट्रा क्लास है न आज। नेहा पहली कक्षा से मेरी छात्रा है। जहाँ बाकी बच्चे अच्छे से पढ़ना-लिखना सीख रहे थे, नेहा का ध्यान कभी पढ़ाई में नहीं रहता था। वह कई-कई दिन तक स्कूल ही नहीं आती थी।

कुछ समय बाद मुझे समझ आया कि उसे डिस्लेक्सिया (Dyslexia) है। फिर मैंने उसके साथ समय बिताना शुरु किया। मैं उसे छुट्टी के बाद बिठाकर किताबें पढ़ कर सुनाती, उसे शब्द पहचानना सिखाती। सालों से जो किताबें मैं अपने मुस्कान पुस्तकालय के लिए जमा कर रही थी, वही किताबें मैं उसके लिए लेकर जाती। वह घर से किताब और पेंसिल न लाती, तो मैं ही रोज़ उसके लिए दोनों ले आती। कई बार उसके माता-पिता से बात करके उन्हें ये समझाया कि नेहा के लिए पढ़ना कितना ज़रूरी है।

पाँच साल लगे। पर अब, नेहा कक्षा पाँच में है और वह रोज़ स्कूल आती है। उसके माता पिता को पढ़ाई का महत्व समझ आया, तभी यह सब मुमकिन हो पाया है। आज पूजा हिंदी अच्छे से पढ़ने लगी है। अब मेरा अगला लक्ष्य यह है कि वह अंग्रेज़ी भी इतनी ही आसानी के साथ पढ़ सके।

यह कहानी परवीन बानो, शासकीय प्राथमिक शाळा आज़ाद नगर, बैखंतपुर, कोरिया, छत्तीसगढ़ के जीवन पर आधारित है|
कहानी लावन्या कपूर के द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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Kiran

बहुत बढ़िया। इस तरह के प्रयास करना बहुत कठिन काम है।

इन्दर singh

Bchion ki maansik aabstha ko samjhna,or unki family background ke baare m jankaari hona do alg baatan h pr dono m ghanisshta h..
Baccha km amjh paa rha h ya hamaraa petran tthik nhi
But,our efforts should to be continually progressive .

Parveen Sharma

Great job Mam. Keep it up

ram narayan pradhan

प्रेरणादायी ,सराहनीय ,सादर अभिवादन

Roshan Jaswal

प्रेरक

Ramendra Kumar khutey

Bacho se dili judaw bacho me shala ke prati lagaw ko barhata hai
Bahut achchha

Beersingh

Well done

Govardhan Lal Yadav

प्राथमिक कक्षाओं में भावनात्मक लगाव जरूरी हैं

HUSAMUDDIN AHMED

सराहनीय योगदान के लिए बहुत बहुत बधाई।

ज्योति किरण

ऐसे टीचर के सामने मैं नतमस्तक हूँ

मंगल प्रताप चौहान

जज्बे को सलाम
सराहनीय कदम

vikas ranjan sinha

सराहनीय प्रयास

swapan bose

Salam h bahut sunder,

prem chand bhoi

Good

Gopi chand Patel

Very fine

pokhan lal sahu

Bahut achchi kosis h medam ji ka

dileshwar dhankar

Good work

nandkumar painkra

Very hard work

ONKAR PRASAD

VERY GOOD

Gopal Prasad Patel

Best

kunti netam

good

Dilip kumar

Good

pavan Kumar

Very nice roll

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