राठौर सर ने बनाया एक काबिल शिक्षक

बुरहानपुर, छत्तीसगढ़|

आज अचानक कक्षा में पढ़ते-पढ़ते रेणुका ककोडिया को उनके राठौर सर याद आ गए। वो भी इन बच्चों जितनी ही थी जब सर उन्हें पढ़ाया करते थे। वे उनसे बस 3 साल ही पढ़ पाई और फिर पिताजी का तबादला होने के कारण उन्हें विद्यालय छोड़ना पड़ा। मगर आज भी सर की आवाज़ जैसे उनके कानो में गूँजती है। नहीं-नहीं! सर का पढ़ाया हुआ तो उन्हें शायद कुछ भी याद नहीं है, याद है तो वो उनकी सोच जो कहीं न कहीं मैडम के साथ यहाँ तक चली आई है।

सर सुबह तो विद्यालय में पढ़ाया करते थे और शाम को सुविधा से वंचित बच्चों को मुफ्त में ट्यूशन दिया करते थे। रेणुका जी अक्सर सोचती थी कि मुफ्त में पढ़ाने से सर को क्या ही फायदा होता है! एक दिन उन्होंने सर से इस बारे में पूछ ही लिया। इसपर सर ने पहले तो उन्हें बड़े गौर से देखा और फिर वे बोले- “बेटा हर बार काम अपने फायदे के लिए नहीं किया जाता। मैं उन्हें इसलिए पढ़ाता हूँ क्योंकि उनके पास हमारी तरह पढाई का कोई साधन नहीं है। उनके माँ-बाप मज़दूरी करते हैं। अगर मेरे ऐसे पढ़ाने से उनकी मदद होती है तो क्यों नहीं!”
बस तभी से जैसे रेणुका जी के मन में सर की यह बात बस गई। उन्होंने बहुत लोगों को कहते सुना था की दुसरो की मदद करनी चाहिए मगर सर पहले ऐसे इंसान थे जो वास्तव में ज़रूरतमंद बच्चों की मदद कर रहे थे।

शायद उन्हीं के कारण आज रेणुका मैडम एक शिक्षक बनकर सुविधा से वंचित बच्चों को पढ़ा रही हैं और ज़रूरत पड़ने पर हर इंसान की मदद करती हैं।

यह कहानी श्रीमती रेणुका ककोडिया के जीवन पर आधारित है जो, बुरहानपुर, छत्तीसगढ़ से हैं|
कहानी हर्षिता सैनी के द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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Gomeshwar pandey

nice

ashish upretiji

nice

Kalpna Kumari

tabi to teacher ko bola jata hai nation builders

lalman prasad yadav

Bahut achchi soch h hame anukaran karna chahiye

Ajay Sharma

we teachers are made to spread good education.
without thinking about money we have to perform our noble duty.

Neelam Kumari

bahut Badiya. great job. ager hm school time me bachhon ko bahut achhe see padhate h to unko extra tution ki jarurt nahi h

Aaditya sharma

Bahut acchey they aapkey Sir

Chandra Mohan Gagrai

yadi har shikshak ki soch aisi ho to tution ki jarurat nahi hogi.

Brij Lal Panwar

nice example to promote educational activities among poor students

Amoliram Jamdare

very impressive work..

Sulinder lal

Very Good

Pramila Dewangan

very nice

Batan singh

very good

Poonam Lata Rana

very good

Budhwanti

very good

Hira lal

good job

Sanjeev Lata

verygood

Janak Raj

Very Good

Thakur Dass

Excellent

Bhagat Ram

best efforts

Manoj Kumar CHT

Very good effort s

Rakesh Kumar Sharma

good efforts

Surinder kumar

nice work

Amrita baghel

nice story

Amrita baghel

nice story

C.Behera

very nice

Jaiwant nath mishra

Li gayi Shikha Ko appne upyogi banaya.you are great.

Dhirendra Prasad Singh

very good

shree ram roy
NareshKumar

Mariah Kumar JBt

Lekh Ram Himral

Very inspirational

Raj rani

great work

Shobha Murmu

great

jagdish chand

yesi soch ydi har teacher me aa jave to desh mahan ho jayega

sukhram bhagat

यही है गुरुजी का सच्चा अनुसरण करना एवं गुरु दक्षिणा , समाज का दर्पण।

Onkar Chand

ç

A.S.C

yes !!!

mukti sarkar

Meri Mammi bhi ek aisi mahila thi jinhone dusre ko hamesa padai ke liye prerna diye n madad kiye. Unhike disha nirdesh me mai aj ek teacher hui aur bachcho se mera bahut lagav ho gaya.

raghuvansh mishra

very good.

Priyansh

great

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