आओ चलें गणित मेला

सुरगुजा, छतीसगढ़|

इस साल भी स्कूल में गणित मेला बड़े ही धूम-धाम से मनाया गया। हमेशा की तरह इस साल भी मेले को सफल बनाने में ऋतु श्रीवास्तव का बहुत बड़ा हाथ रहा।

ऍफ़.आई.इस.जी संस्था ने 2014 में 22 स्कूलों का चयन किया जिनमें वे गणित मेला आयोजित करने वाले थे। उन स्कूलों में इनके स्कूल का भी नाम शामिल था। तभी से ऋतु श्रीवास्तव ने इस मेले की तैयारियाँ शुरु कर दी। उन्ही के परिश्रम के कारण सबसे पहला मेला इनके स्कूल में लगा। यह मेला महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामनूजन की याद में उनके जन्म माह दिसंबर में मनाया जाता है। इस साल भी कड़ी मेहनत कर ऋतु जी ने स्कूल एजेंसी के साथ मिलकर कई स्टाल लगवाए।

उन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें वे स्टाल लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जिससे वे गणित को अपनी निजी ज़िन्दगी से जोड़ पाएँ। उनके विचारों की मदद से बच्चों ने कई अभिनव स्टाल आयोजित किये जिससे उनके साथ-साथ दूसरों का भी गणित समझना सरल हुआ, जैसे- सांप-सीढ़ी की मदद से गिनती सीखना, सब्जियों की रेढ़ी लगाकर किलोग्राम और ग्राम समझना, नकली नोटों से बैंक बनाकर लेनदेन सीखना।

इसके एलावा भी कई स्टाल आयोजित हुए। अब तो इस मेले में दूसरे स्कूल के बच्चे और गांव वाले भी स्टाल लगा सकते हैं।
इस मेले के कारण बच्चों की गणित में रुचि और ज़्यादा बढ़ गयी है। आने वाले सालों में उम्मीद है यह मेला और भी ज़्यादा बड़े स्तर पर मनाया जाएगा।

यह कहानी ऋतु सृवासव के जीवन पर आधारित है जो, सुरगुजा, छत्तीसगढ़ से हैं|
कहानी हर्षिता सैनी के द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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Aruna diwan

effective

Arjun varma

bahot badhiya aayojan

Amoliram Jamdare

nice

S. P. Dubey

इस तरह के गणित मेले का आयोजन शा पू मा शाला सकरी जिला बिलासपुर छः ग में भी विगत दो वर्षों से किया जा रहा है।ऐसे आयोजनों से छात्रों में गणित के प्रति रुचि बढ़ती है।

Smt. Ishwari Bhoi

सराहनीय कार्य।

Mrs Pragya Singh

VERY WELDON 👍👍

raghuvansh mishra

Excellent work

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7 Comments