शिक्षण जन-जन तक पहुंचे

रायगढ़, छत्तीसगढ़|

सुशील जी का नारा है – बालिकाओं को बढ़ाना है| आंगनवाडी से लेकर विद्यालय तक बालिकाओं के शिक्षण की ज़िम्मेदारी सुशील जी ने अपने कन्धों पर ली है| आधूनिक तरीकों से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे कई बार अनभिज्ञ रह जाते हैं और कभी-कभी तो शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्द नहीं हो पाती| बच्चों की कठिनाइयों को कम करने की सोच लेकर सुशील जी विद्यालय में प्रदान की गई राशी उनकी कॉपी, किताब व स्कूल यूनिफार्म के लिए इस्तेमाल करते हैं|

शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करन हेतु वे अपने विद्यालय में डिजिटल क्लास, और कक्षा में शून्यनिवेश नवाचारी गतिविधियों का प्रयोग भी करते है| शिक्षण के विकास तथा प्रसार के लिए सुशील जी ने कई समितियाँ भी निर्मित की हैं| ‘माता उन्मुखीकरण समिति’ से जुड़कर महिलाएँ अपने अतिरिक्त समय में आस-पास के क्षेत्रों में जाकर और महिलायों को शिक्षा के फायदों की जानकारी देती है व उन्हें लड़कीयों के शिक्षण के लिए सरकारी योजनाओं से अवगत कराती हैं|


‘युवा शिक्षण समिति’ के अंतर्गत एक छोटे इलाके में उच्चतर कक्षा के बच्चें संध्या समय में प्रतिदिन एक घंटा प्राथमिक कक्षा के कुछ बच्चों को पढ़ाते हैं| बच्चों को स्वास्थ्य के बारे में भी जागरूक किया जाता है, जैसे बच्चों से अपने घरों में शौचालय के निर्माण हेतु पत्र लिखकर अपने घरवालों को स्वच्छता से रहने के लिए प्रेरित करना, जिससे बच्चों ने विद्यालय से अपने घरों में पोस्ट किया था| आज विद्यालय में क्षेत्र के सारे बच्चें नियमित आते है और 95% घरों में शौचालय बनवाए गए हैं| बालिका शिक्षण को बढ़ावा देने में कामयाबी के लिए ज़िला अधिकारी जी के द्वारा सुशील जी को रु.1 लाख राशि से पुरुस्कृत किया गया है|

यह कहानी श्री सुशील गुप्ता के जीवन पर आधारित है जो, रायगढ़, छत्तीसगढ़ से हैं|
कहानी ईशा राखरा के द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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Neeta Pandey

good

shraddha kedia

superb

बलराम नेताम

बहुत बढ़िया

rameshwarprasadbhagat

बहुत अच्छा

Hemant Kumar Verma

bahut achha

daleep singh

Good

Subhash Kumar Gupta

very nice

kumari Preeti Shrivas

good

श्रीमती प्रियंका गोस्वामी

आदणीय सुशील जी,,,,आत्मीय नमन,,,,,
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

बालिका शिक्षा ,,【कविता 】
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺

बालिका की शिक्षा सुंदर मन भाव,,,,,,,,,
विद्यालय ही होगा मृदुल सी छाँव,,,,,,,,,,,,,,,
करेंगे विद्यार्थियों, के सँग न्याय,,,,,,
रचेंगे मिलकर ,अनुपम अध्याय,,,,,,,,,,

विद्यार्थी ही तो कस्तूरी शुभ फूल,,,,,,,
उत्साह से छलक रहे नदी के कूल,,,,,,,,,
बालिका की शिक्षा भावना की झील,,,,,,,
ज्ञान का फैला उजाला ,जल उठी कंदील,,,,,,,,

बालिका की शिक्षा से सज्जित हर पथ,,,,,,,,
किताबों के उपहार से रचा गया रथ,,,,,,,,,
शिक्षक बन सारथी रथ को हाँकता,,,,,,,,,,
वो कभी न थकता,,, न कभी भी हाँफता,,,,,,,,,,,,,,✍️

kedar Nath Deshmukh

बहुत सुन्दर sir

sandhya kumari

सराहनीय कार्य

Shweta tiwari

Good

Govind Patel

very good

kedar Nath Deshmukh

शिक्षा रूपी प्रकाश को जन जन तक पहुंचाने का जो काम आपने किया है वह बहुत ही सराहनीय है
इस पुनीत कार्य के लिए आपको सादर अभिनंदन

श्रीमती प्रियंका गोस्वामी

आदरणीय श्री सुशील जी,,,,,,हार्दिक बधाइयाँ,,,,,
▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️▪️

मैं पढ़ने जाऊँगी【 कविता 】
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖

नहीं मांगती कोई खिलौना,,,,,,,,
चॉकलेट भी मत मुझको देना,,,,,,,,,
देना मुझको इक क़िताब,,,,,,,,,,
माँ,, मैं पढ़ने जाऊँगी,,,,,।

नहीं चाहिए नए कपड़े,,,,,
मत देना तुम पायल मुझको,,,,,
देना मुझको बस्ता एक,,,,,,,,
माँ ,मैं पढ़ने जाऊँगी,,,,,,,,,

नहीं चाहिये मुझको पैसे,,
मेला नहीं मैं जाऊँगी,,,,,,,
देना प्यारी एक क़लम,,,,,,
माँ,, मैं पढ़ने जाऊँगी,,,,,,,,,

गर मैं पढ़ लिख जाऊँगी,,,,,
दो घर स्वर्ग बनाऊँगी,,,,,,,,
लेखनी भी लहकेगी,,,,,,,,
माँ, मैं पढ़ने जाऊँगी,,,,,,,

बेटा और बेटी में ,,,,,,,
कभी न करना भेद तुम,,,,,
विद्या धन अर्पित कर मुझको,,
माँ,, मैं पढ़ने जाऊँगी,,।

आदरणीय सुशील जी,,,बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए,,,आपको शुभकामनाएं,,,,,🏆🏆

गर

kedar Nath Deshmukh

Nice

Laxmi Baghel

Nice

yasvant sinha

Nice

niranjan lal patel

nice

Naresh kumar Chamba

nice

komal singh thakur

बेटी शिक्षा पर आपका लगाव और कार्य सराहनीय है।

श्रीमती प्रियंका गोस्वामी
आदरणीय श्री सुशील गुप्ता जी,,,,,बालिका शिक्षा के लिए आपके विलक्षण प्रयास को,,श्रद्धा से नमन करती हूँ,,,,,,, शील और गुण की ,,,,,,,,,,,,खान हैं आप,,,,,,, बालिका शिक्षा की,,,,,,,,,,,,आन,बान, शान हैं आप,,💐💐💐 बालिका शिक्षा पर समर्पित कुछ पंक्तियाँ,,,, मेरी लेखनी से,,,,, हर बालिका खुली क़िताब है,,,,, नीले आसमान सी ख़्वाब है,,,,,, महकना चाहती है फूलों की बगिया सी,,,,,,,, चहकना चाहती है मोंगरे की कलियों सी,,,,,,, हीना की खुशबू होती हैं बेटियां,,,,,, रचने वाले और रचाने वाले,,,,, दोनों को लालिमा से,,,,,, सराबोर करती हैं बेटियां। ये बेटियां आंखों की नमी,,,,,, हृदय की खुशी होती हैं बेटियाँ,,,,, दो जहान रचती हैं बेटियां,,,,,, संसार को सजाती… Read more »
Chumeshwar ram kashi

जागरूकता के साथ शिक्षा के प्रति समर्पित👍👍

Mahesh Singh

Nice

BAL MUKUND SIDAR

very good

Anand ram dewangan P/S BUDIYA (TAMNAR)

बहुत ही अच्छा और सराहनीय प्रयास किया है।

Rama sahu p/s sildaha

very nice

Mahesh Ram Baiga

बहुत सुन्दर

Hira oraon

nice

Santosh Kumar

बहुत सुन्दर

pardeshi Lal

good nice

कमलकिशोर ताम्रकार M/S उसरीजोर वि़ख़. मैनपुर जिला गरियाबन्द

बहुत ही सुन्दर और लाजवाब

RAMESH KUMAR RATHORE

very good

Nisha devi

good

Santosh Kumar

very good

श्री मोजय शंकर पटेल

good

Radheshyam chouhan

nice

Aruna diwan

very nice

Arjun varma

congratulations sir

सुशील कुमार गुप्ता

आप सभों को हौसला अफजाई के लिये शुक्रिया….

samiksha tripathi

बालिका शिक्षा पर बहुत अच्छी पहल नमन है ऐसे शिक्षक को

samiksha tripathi

बालिका शिक्षा की बहुत ही अच्छी पहल नमन है ऐसे शिक्षक को

raghuvansh mishra

very good

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43 Comments