वैदिक गणित का जादू

महासमुंद, छत्तीसगढ़|

स्कूली शिक्षा में गणित एक ऐसा विषय है जो कई छात्र-छात्राओं को कभी न कभी मुश्किल में डालता है। गणित से एक अजीब सा डर जुड़ा हुआ है, जो बच्चों के मन से निकालना आसान नहीं। वीरेंदर कुमार जी ने ये बात आँकी, और अपनी प्राथमिक शाला के बच्चों को वैदिक गणित का परिचय दिया। उन्होंने बच्चों को धीरे-धीरे कागज़ कलम छोड़ के दिमाग में ही गणितीय परिचालन करना सिखाया। बच्चे अपनी क्षमता देख कर इतने प्रसन्न हुए कि उन्हें और सवाल हल करने की प्रेरणा मिली।

“बच्चों को गणित अब एक जादू की तरह लगता है|” वीरेंदर जी का कहना है। एक साल के अंदर ही पाँचवी के बच्चों को कैलकुलेटर जैसी सटीकता से गुणा, भाग, जमा और घटाना आ गया है। वीरेंदर जी ने अपनी 26 बच्चों की कक्षा को और स्कूलों से बहुत अलग बना दिया है। अब अगर उन बच्चों से कोई 56X52 जैसा कठिन सवाल भी पूछेगा, तो बच्चों को जवाब देने में केवल पाँच सेकंड या उससे भी कम लगेंगे।

वीरेंदर जी मानते हैं कि “हमेशा पढ़ाने का एक नया तरीका होना चाहिए।” यकीनन उन्होंने गणित पढ़ाने का एक बहुत नया व प्रभावशाली तरीका खोज निकाला है।

यह कहानी श्री वीरेंदर कुमार कर के जीवन पर आधारित है जो, रायगढ़, छत्तीसगढ़ से हैं|
कहानी लावण्या कपूर के द्वारा लिखी गयी है|  
हम छत्तीसगढ़ सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने हमें  Humans of Indian Schools से परिचित किया|

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raghuvansh mishra

inspirational work

Santosh kumar diwan

hme bhi bataye Sr kaise krte hai

Sulochana sahu

vaidik ganit ka jadu hme b btaiye sir ji taki hm b apne schools me is tarika ka upyog kr bchho ko ganit aasani se smjha ske …sir ji plz
video bnakr bhejiyega sir ji

Kaushalendra Bhardwaj

समस्या है तो समाधान भी है समाधान को सरल तरीका से खोजना सिखाना कौशल है

jagat ram dhruw

वै दिक् गणित सिखाने के सरल तरीके को शेयर कीजिये सर

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5 Comments